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एक अपना आसमान

साया द्वारा लिखित... एक अपना आसमान

अप्रतियक्ष.. अष्कॊं के तूफान के कारण
गुपत...अन्जानॆ चेहरों के कारण
अपना आसमान .. अपने ही आन्खॊं में लियॆ
अपना खॊज...अपनॆ से भिन्न क्यूं ? ? ?

© Deepa
Jun 1, 2007
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